ऐसे दृश्य को क्या नाम दें!
5लाख की जनसैलाब जिसका महामंत्री उनके संग अपने 'महानायक','जननायक'के अंतिम यात्रा में....
यह विश्वास दिलाते हुए की भारतीय संस्कार की जड़ें अभी भी मजबूत हैं.नेता,राजनीति चाहे कितना भी रूप बदल लें पर देश अपने संस्कारो को नहीं बदलता...
अपर्णा झा
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