'राजनीति' ( politics) और अक़ीदा(ethics) ये दो ऐसे विषय हैं जो बहुत ही सुलझे विषय होकर भी कभी कोई इसे सुलझा नहीं मानता. ये विषय वो विषय हैं जिन पर कभी बातें खत्म हो ही नहीं सकती( never ending talk), जिसे चाय या खाने की मेज पर चलाया जाता है, जिससे खाने का ज़ायका कई गुणा बढ़ जाता है.ये बुद्धिजीवियों की विलासिता और श्रृंगारिक भाषा और विषय है जिसका अंत परिणाम कुछ भी नहीं.ऐसे विषयों की लोकप्रियता को देखते हुए न्यूज़ चैनेल्स भी अपनी TRP बढाने हेतु आजकल इसी रास्ते पर चल चुके हैं.
अपर्णा झा
No comments:
Post a Comment