Tuesday, 28 August 2018

शतरंज के खिलाड़ी

जीवन की सच्चाई यही है, ये खेल कभी खुद के लिये और कभी दूसरों की खैरख्वाही के लिये खेलते ही रहते हैं ता उम्र...ताउम्र यही सिलसिला चलता रहता है.बस वक्त ही इसका फैसला करता है कि चाल सही थी या गलत...प्यादे को चलना था या कि शाह की मौत...

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