Thursday, 24 August 2017

आलोचना

​बुराई लिखना तो कोई लिख ले पर अच्छी जो घटनाएं घटती हैं वह दब कर क्यों रह जाता है. लोगों में अच्छी बातों को सुनने की मानसिकता समाप्त होती जा रही है क्या???..

   तभी तो लिखने वाले भी नब्ज़ पकड़ अपनी लेखनी उस ओर कर रहे हैं.....

@Ajha28.11.16

No comments:

Post a Comment